चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की प्रशासनिक तैनाती व्यवस्था को लेकर एक रोचक किंतु महत्वपूर्ण स्थिति सामने आई है। वर्तमान में राज्य सरकार ने 2023 बैच के सात जूनियर स्केल भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों और उसी वर्ष के ग्यारह जूनियर स्केल हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) [HCS-EB] अधिकारियों को समान रूप से उपमंडल अधिकारी (नागरिक)/एस.डी.एम. के पदों पर तैनात कर रखा है। इस तैनाती ने प्रशासनिक हलकों में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या व्यवहारिक स्तर पर हरियाणा सरकार दोनों सेवाओं के जूनियर अधिकारियों को समान दर्जे का मान रही है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट एवं प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने कहा कि यद्यपि IAS एक अखिल भारतीय सेवा है और उसका संवैधानिक एवं प्रशासनिक दर्जा HCS जैसी राज्य सिविल सेवा से उच्च है, फिर भी वर्तमान तैनाती व्यवस्था में दोनों सेवाओं के जूनियर अधिकारियों को समान पद पर कार्यरत रखा गया है।
उन्होंने बताया कि 2023 बैच के सभी सात IAS अधिकारी—अंकिता पंवार (सांपला), अनिरुद्ध यादव (नारनौल), अभिनव सिवाच (बहादुरगढ़), आकाश शर्मा (टोहाना), कनिका गोयल (अम्बाला कैंट), योगेश सैनी (महेंद्रगढ़) तथा रवि मीणा (झज्जर)—वर्तमान में एस.डी.एम. के रूप में कार्यरत हैं।
दूसरी ओर 2023 बैच के ग्यारह HCS (EB) अधिकारी—कुंवर आदित्य विक्रम (नूंह), गुरविंदर सिंह (पेहोवा), विपिन कुमार (महम), आशीष सांगवान (बाढ़ड़ा), अजय हुड्डा (कलायत), रमन गुप्ता (इंद्री), विश्वनाथ (जगाधरी), हन्नी बंसल (फरीदाबाद), पारस भगोरिया (ऐलनाबाद), हरि राम (हथीन) तथा अंकित कुमार-2 (गोहाना)—भी एस.डी.एम. के पद पर तैनात हैं।
HCS कैडर निर्धारण आदेश से उठे नए सवाल
हेमंत के अनुसार आज से साथ माह पूर्व दिसंबर 2025 में हरियाणा सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा जारी एच.सी.एस. कैडर संख्या निर्धारण आदेश में एस.डी.एम. (एस.डी.ओ.-सिविल) के पदों को सीनियर स्केल एवं सिलेक्शन ग्रेड के अधिकारियों के लिए दर्शाया गया है। इसका अर्थ यह है कि सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार कम-से-कम पांच वर्ष की सेवा पूरी करने वाले HCS अधिकारी ही एस.डी.एम. पद के लिए पात्र माने गए हैं।
यदि इस व्यवस्था को आधार माना जाए तो 2023 बैच के HCS अधिकारियों की न्यूनतम पांच वर्ष की सेवा जनवरी 2028 में पूरी होगी, जिसके बाद ही वे नियमित रूप से एस.डी.एम. पद पर तैनाती के पात्र होंगे। इसके बावजूद वर्तमान में उन्हें तीन वर्ष की सेवा के भीतर ही उपमंडलों की जिम्मेदारी सौंपे जाने से प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्न उठ रहे हैं।
IAS अधिकारियों की सामान्य करियर प्रगति अलग
हेमंत ने स्पष्ट किया कि सीधी भर्ती से चयनित IAS अधिकारियों को सेवा के प्रारंभिक वर्षों में सामान्यतः एस.डी.एम. के रूप में नियुक्त किया जाता है। चार वर्ष बाद उन्हें सीनियर स्केल प्रदान किया जाता है, जिसके उपरांत वे अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) जैसे उच्च प्रशासनिक पदों पर तैनाती के पात्र बनते हैं।
तैनाती सरकार का अधिकार, पर प्रशासनिक सिद्धांत भी आवश्यक
हेमंत ने कहा कि इसमें कोई विवाद नहीं है कि IAS और HCS अधिकारियों की नियुक्ति, तैनाती एवं तबादलों का अधिकार राज्य सरकार, विशेष रूप से मुख्यमंत्री, के पास है। यह सरकार का प्रशासनिक विवेकाधिकार है। किंतु उन्होंने कहा कि इस विवेकाधिकार का प्रयोग करते समय सेवा नियमों, कैडर संरचना और प्रशासनिक सिद्धांतों की समान रूप से अनुपालना भी आवश्यक है, ताकि तैनाती संबंधी निर्णयों पर अनावश्यक प्रश्नचिह्न उत्पन्न न हों।
उन्होंने कहा कि जब एक ओर जूनियर स्केल IAS अधिकारियों को और दूसरी ओर उसी बैच के जूनियर स्केल HCS अधिकारियों को समान रूप से SDM जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया जाता है, तो यह स्वाभाविक रूप से प्रशासनिक बहस का विषय बन जाता है कि क्या व्यवहारिक स्तर पर दोनों सेवाओं के जूनियर अधिकारियों को समान दर्जा देकर देखा जा रहा है।









