झज्जर, 07 जुलाई।
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की प्रगति में मजबूत सडक़ तंत्र का होना बेहद जरूरी है। मिलेनियम सिटी गुरुग्राम से सटे झज्जर जिला में सरकार निरन्तर विकास कार्यों को बढ़ावा दे रही है। वर्तमान में हरियाणा सरकार द्वारा झज्जर विधानसभा क्षेत्र की 29 सड़क परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है, इन सड़कों के सुदृढ़ीकरण से आवागमन सुलभ होगा।
डीसी ने बताया कि झज्जर विधानसभा क्षेत्र में सड़क अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लोक निर्माण विभाग(भवन एवं सड़कें) द्वारा 29 विभिन्न सड़क विकास कार्यों के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये की प्रस्तावित व्यवस्था की गई है। इन परियोजनाओं के तहत लगभग 45 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, पुनर्निर्माण, आईपी ब्लॉक, बीसी, सड़क शिफ्टिंग तथा अन्य आवश्यक कार्य कराए जाएंगे।
इन गांवों की सड़कों का होगा सुधारीकरण
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि प्रशासनिक स्वीकृति में इन सड़क सुधार कार्यों में बहु-खोरडा-मकडानी रोड, झांसवा-जमालपुर-जाखड़ अस्पताल रोड, गांव भूरावास में सड़क शिफ्टिंग, गांव अकेहड़ी- मदनपुर से बाबा भैया समाध, गांव बिठला-भूरावास, गांव बंबूलिया से जेएलएन फीडर रोड, झज्जर-छुछकवास से फोर्टपुरा-तमसपुर रोड, गांव मारौत-सूरजगढ़ रोड, झज्जर शहर के सीताराम गेट से श्मशान घाट रोड, जोंधी व गिरावर संपर्क मार्ग, बहु-नया गांव, खानपुर कलां-खानपुर खुर्द, रामपुरा-सुर्खपुर, एनएच-71 से स्टेडियम मार्ग, खातीवास-गवालिसन, हमायूपुर-झांसवा, धनिया संपर्क मार्ग, डाइवर्जन रोड, निलाहेड़ी-चांदोल, सुंदरेहटी-लड़ायन-निलाहेड़ी,गां
गांवों की बेहतर कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी गति
डीसी ने बताया कि इन परियोजनाओं में कई प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, कई सड़कों पर 30 व 40 एमएम बीसी, आईपी ब्लॉक, री-कंस्ट्रक्शन, राइजिंग तथा आवश्यक स्थानों पर सड़क शिफ्टिंग का कार्य भी प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से झज्जर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले मार्गों के उन्नयन से आम नागरिकों, किसानों, विद्यार्थियों तथा व्यापारिक गतिविधियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। इन सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित और सुगम होगी। साथ ही गांवों की बेहतर कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी तथा लोगों को आवागमन में समय और लागत दोनों की बचत होगी।









