भिवानी, 07 जुलाई। डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में स्थानीय लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में एसडीएम महेश कुमार की अध्यक्षता में जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में एसडीएम ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों, पीडि़तों को दी जाने वाली राहत राशि तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिनियम के तहत दर्ज सभी मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करें। पीडि़त व्यक्तियों को समय पर सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में एसडीएम महेश कुमार ने कहा कि लंबित मामलों की सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी की जाएं ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को सभी मामलों की नियमित समीक्षा करने और राहत राशि वितरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। एसडीएम ने निरस्त किए गए एक केस के बारे में बैठक में उपस्थित सभी गैर सरकारी सदस्यों से उनकी राय जानी। इसके साथ ही उन्होंने एससी-एसटी मामलों में कार्रवाई बारे सुझाव भी लिए ताकि पीडि़त व्यक्तियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय ना हो।
जिला कल्याण अधिकारी देवेन्द्र कुमार ने बैठक में बताया कि एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध की प्रकृति के अनुसार पीडि़तों को 85 हजार रुपये से लेकर 8 लाख 25 हजार रुपये तक की राहत राशि प्रदान करने का प्रावधान है। यह सहायता हत्या, दुष्कर्म, गंभीर चोट, संपत्ति को नुकसान तथा अन्य अत्याचार संबंधी मामलों में नियमानुसार दी जाती है।
उन्होंने एसडीएम को बताया कि एक फरवरी से 30 अप्रैल 2026 तक जिले में कुल आठ मामले दर्ज किए गए है। इनमें से दो मामलों में बिलों पर आपत्ति होने के कारण प्रकरण लंबित हैं, जबकि पांच मामलों को स्वीकृति प्रदान कर चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दिया गया है। एक मामले को अपात्र पाए जाने पर निरस्त (कैंसिल) कर दिया गया है। बैठक में डीडीपीओ सोमबीर कादयान, डीईओ निर्मल दहिया, डीआईओ अमित लांबा,समिति के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य श्याम लाल मेघवाल, ख्यालीराम, मुकेश, रणबीर, एडवोकेट अशोक बिडलान, संजय शर्मा उपस्थित रहे।
एससी/एसटी अधिनियम के मामलों में पीड़ित को समय पर मिले सहायता राशि: एसडीएम महेश कुमार









