चंडीगढ़ – हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जो प्रदेश कैडर के 1990 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी हैं को एक और वर्ष का ताज़ा एक्सटेंशन (सेवा-विस्तार) प्रदान के लिए प्रदेश की नायब सैनी सरकार द्वारा हाल ही में केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया है. रस्तोगी, जिनकी जन्म तिथि 21 जून 1965 है, ने गत सप्ताह 61 वर्ष आयु पूरी की है.
बहरहाल, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट एवं प्रशासनिक-विधि मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने बताया कि अखिल भारतीय सेवाएं (मृत्यु एवं सेवानिवृति लाभ) नियमावली, 1958, के नियम 16 (1) के अनुसार आल इंडिया सर्विस का सदस्य अर्थात आई.ए.एस./आई.पी.एस./आई.एफ.एस. अधिकारी जिस महीने 60 वर्ष की आयु पूर्ण करता है, उसी माह की अंतिम तारिख की बाद दोपहर को वह सेवानिवृत्त होता है. इसलिए मुख्य सचिव रस्तोगी की आई.ए.एस. से सेवानिवृत्ति मूल रूप से हालांकि गत वर्ष 30 जून 2025 को निर्धारित थी जिसे केंद्र सरकार द्वारा उनकी उक्त रिटायरमेंट की तारिख से करीब 10 दिन पूर्व एक वर्ष का सेवा में एक्सटेंशन देकर उनकी सेवानिवृत्ति 30 जून 2026 तक बढ़ा दी गई थी.
हेमंत ने बताया कि आज से साढ़े 20 वर्ष पूर्व नवम्बर, 2005 में उपरोक्त उल्लेखित वर्ष 1958 नियम के 16 (1 ) में तत्कालीन केंद्र सरकार द्वारा किये गये संशोधन के फलस्वरूप अगर सम्बंधित राज्य सरकार केंद्र को प्रदेश के मुख्य सचिव को सेवा अर्थात आई.ए.एस. में सेवा-विस्तार के लिए जनहित में अपनी ओर ठोस सिफारिश भेजे, तो केंद्र सरकार उस प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर तैनात एवं रिटायर होने वाले आई.ए.एस. अधिकारी को अधिकतम छः माह तक की सेवा में एक्सटेंशन प्रदान कर सकती है हालांकि रस्तोगी को गत वर्ष केंद्र सरकार द्वारा 6 महीने का नहीं बल्कि पूरे एक वर्ष का आई.ए.एस. में सेवा-विस्तार दिया गया था.
इस विषय पर हेमंत ने बताया कि इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 1960 में बनाये गए अखिल भारतीय सेवाएं (सेवा-शर्तें अवशिष्ट मामले) नियमावली, 1960 के नियम संख्या 3 का प्रयोग किया गया. यह नियम हालांकि इसलिए बनाया गया था कि ताकि केंद्र सरकार को यदि ऐसा प्रतीत हो कि आल इंडिया सर्विस के किसी सदस्य अर्थात आई.ए.एस./आई.पी.एस./आई.एफ.एस. अधिकारी के मामले में उस पर लागू होने वाले सेवा-नियमों और विनियमन (रेगुलेशंस ) से उस अधिकारी को व्यक्तिगत तौर पर अनडीयु हार्डशिप (अनुचित कठिनाई) हो रही है, तो केंद्र सरकार उस विशेष मामले में ऐसे नियमों और विनियमों में ढिलाई या छूट प्रदान कर सकती है.
बहरहाल, अब अगर केंद्र सरकार को रस्तोगी को एक वर्ष या बेशक उससे कम अवधि का एक और ताज़ा एक्सटेंशन देना है, तब भी उपरोक्त वर्ष 1960 नियमावली के नियम 3 का प्रयोग करना पड़ेगा.
हेमंत ने आगे बताया कि इससे पूर्व केंद्र की मोदी सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव रहे 1984 बैच के आई.ए.एस. दुर्गा शंकर मिश्रा को, जिनकी रिटायरमेंट 31 दिसम्बर 2021 को निर्धारित थी, उन्हें जनवरी, 2022 से जून,2024 तक दो बार एक-एक वर्ष और एक बार छ: महीने अर्थात कुल अढ़ाई वर्षो का आई.ए.एस. में सेवा-विस्तार दिया गया था. इसी प्रकार ओडिशा के तत्कालीन मुख्य सचिव 1990 बैच के आई.ए.एस मनोज आहूजा, जिनकी 31 दिसम्बर 2024 को रिटायरमेंट निर्धारित थी, उन्हें 1 जनवरी 2025 से एक वर्ष तक का आई.ए.एस. में एक्सटेंशन प्रदान किया गया था. हालांकि 31 दिसम्बर 2025 को एक वर्ष का सेवा-विस्तार पूरा होने पर उन्हें दोबारा एक्सटेंशन नहीं दी गयी. इसी प्रकार हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्य सचिव 1990 बैच के आई.ए.एस. प्रबोध सक्सेना, जिनकी 31 मार्च 2025 को सेवानिवृति निर्धारित थी, उन्हें 1 अप्रैल 2025 से छ: महीने का सेवा विस्तार प्रदान किया गया था. उन्हें भी 30 सितम्बर 2025 को छ: माह का सेवा-विस्तार पूरा होने पर उन्हें दोबारा एक्सटेंशन नहीं दी गई थी.









