हिसार, 28 जून।
गांव कुतुबपुर (हांसी) के युवा सामाजिक कार्यकर्ता राहुल शर्मा को नशा मुक्त भारत अभियान में उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण बेदी द्वारा राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
राहुल शर्मा वर्ष 2016 से युवाओं को नशे से बचाने के उद्देश्य से निशुल्क जनजागरूकता अभियान चला रहे हैं। वर्ष 2021 से वे समाज कल्याण विभाग, हिसार के साथ मास्टर वॉलंटियर के रूप में जुड़कर नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। वर्ष 2021 से 2026 के दौरान केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के नशा मुक्त भारत अभियान के डैशबोर्ड पर उनके द्वारा किए गए कार्यों के अनुसार:
– कुल जागरूकता कार्यक्रम: 382
– कुल जागरूक किए गए नागरिक: 3,53,000
– जागरूक किए गए युवा: 1,27,413
– जागरूक की गई महिलाएं: 79,132
राहुल शर्मा की समाज सेवा की प्रेरणा उन्हें फार्मेसी प्रशिक्षण के दौरान नशे से बर्बाद होते युवाओं और टूटते परिवारों को देखकर मिली। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से समाजकार्य की पढ़ाई ने उनके सामाजिक परिवर्तन के संकल्प को और मजबूत किया। अपने मामा अनिल शर्मा, शिक्षक प्रो. बलकार सिंह पूनिया एवं शिक्षिका अमरजीत कौर से प्रेरणा लेकर उन्होंने गांव कुतुबपुर से नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत की, जो आज पूरे हरियाणा में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, ग्राम सभाओं और विभिन्न सामाजिक मंचों पर हजारों जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं। उनके प्रयासों से लाखों युवाओं ने नशा न करने का संकल्प लिया है। राहुल शर्मा को इससे पूर्व भी विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए एसडीएम हांसी सहित कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। वे जल संरक्षण, स्वच्छता, सड़क सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे अनेक अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके उल्लेखनीय कार्यों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा प्रकाशित शोध पुस्तक में उन्हें “The Real Change Maker” के रूप में स्थान दिया गया। इसके अतिरिक्त केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी उन्हें अपने अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किया जा चुका है।
राहुल शर्मा का कहना है कि “नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। यदि परिवार, शिक्षण संस्थान, सामाजिक संगठन और युवा मिलकर कार्य करें, तो नशा मुक्त भारत का सपना निश्चित रूप से साकार होगा।” आज राहुल शर्मा केवल एक सामाजिक कार्यकर्ता नहीं, बल्कि युवा शक्ति के लिए प्रेरणा और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त प्रतीक बन चुके हैं। उनकी मुहिम से प्रेरित होकर अनेक युवा अपने-अपने क्षेत्रों में नशा विरोधी अभियान चला रहे हैं। यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि और अभियान की वास्तविक सफलता है।









