भिवानी, 24 जुलाई। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. विनोद कुमार फोगाट ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य तिलहन मिशन तथा दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दाल मिल एवं तेल निष्कर्षण इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पात्र किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी समितियाँ, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), उद्यमी तथा अन्य पात्र लाभार्थी निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।
योजना के प्रावधानों के अनुसार दाल मिल इकाइयों की स्थापना हेतु परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम 25 लाख रुपये प्रति इकाई तक वर्ष 2026-27 के दौरान प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार 10 टन क्षमता तक की तेल निष्कर्षण एवं तिलहन प्रसंस्करण इकाइयों के लिए मशीनरी एवं अवसंरचना पर परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के अंतर्गत नई इकाइयों की स्थापना के साथ-साथ मौजूदा प्रसंस्करण इकाइयों के आधुनिकीकरण एवं क्षमता वृद्धि के लिए भी सहायता दी जाएगी।
डॉ. फोगाट ने बताया कि इन प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर दलहन एवं तिलहन फसलों का मूल्य संवर्धन होगा, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा, कटाई उपरांत होने वाले नुकसान में कमी आएगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे देश को दलहन एवं खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने जिले के सभी पात्र किसानों, एफपीओ, सहकारी समितियों एवं इच्छुक उद्यमियों से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता, अनुदान की दर एवं आवेदन प्रक्रिया के लिए अपने निकटतम खंड कृषि अधिकारी, उपमंडल कृषि अधिकारी अथवा उप कृषि निदेशक कार्यालय, भिवानी से संपर्क करें।
उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों द्वारा इस योजना का लाभ लेने से जिले में कृषि आधारित प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।









