हिसार, 24 जुलाई।
जिले में निपुण मिशन सहित सभी शैक्षणिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए नियमित विद्यालय निरीक्षण, प्रभावी मेंटरिंग तथा सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। जिन विद्यालयों का पिछले 60 दिनों से निरीक्षण नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर भ्रमण किया जाए।
जिला परियोजना क्रियान्वयन इकाई की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने निपुण मिशन, एफएलएन लक्ष्यों, टीएलपीएस निष्कर्षों, हाई इम्पैक्ट टीचिंग स्ट्रेटेजीज, लाडो लक्ष्मी योजना, पाठ्यपुस्तक वितरण, निपुण पेरेंट्स ऐप और अन्य शैक्षणिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। बैठक में पाठ्यपुस्तकों के शत-प्रतिशत वितरण पर विशेष जोर दिया गया।
अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल ने निर्देश दिए कि आवश्यकता के अनुसार विद्यालयों के बीच पुस्तकों का युक्तिसंगत पुनर्वितरण कर वितरण कार्य जल्द पूरा किया जाए। इसके बाद यदि अतिरिक्त पुस्तकों की आवश्यकता हो तो मांग निदेशालय को भेजी जाए। उन्होंने निपुण पेरेंट्स ऐप के अधिकतम उपयोग, अभिभावकों के साथ नियमित संवाद और शैक्षणिक योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया। साथ ही जिला प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक में सुधार के लिए प्रत्येक खंड से विद्यालयवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी राम रतन, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार, जिला परियोजना संयोजक विजेंद्र सिंह, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक एफएलएन नोडल, डाइट मात्रश्याम के प्रतिनिधि, राज्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई के सदस्य तथा संपर्क फाउंडेशन सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।









