हिसार, 19 जुलाई।
नई दिल्ली से मेलबर्न जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान एआई-308 के करीब छह घंटे विलंब से रवाना होने पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बेटी को हुई परेशानी के बाद हिसार के अधिवक्ता विकास बिश्नोई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और एयर इंडिया को टैग करते हुए घटना पर कड़ी आपत्ति जताई। एयर इंडिया ने जवाब में उड़ान के विलंब के लिए ऑपरेशनल कारण बताते हुए मामले की आंतरिक समीक्षा का आश्वासन दिया।
दिल्ली से मेलबर्न जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-308 रविवार को निर्धारित समय सुबह 3 बजे के बजाय करीब 8:18 बजे रवाना हुई। यात्रियों का आरोप है कि उन्हें रात करीब 2:30 बजे ही विमान में बैठा दिया गया था, जिसके बाद वे लगभग छह घंटे तक विमान के भीतर ही बैठे रहे। इस दौरान यात्रियों को देरी के कारणों की स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी गई।
हिसार के अधिवक्ता विकास बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस पूरे घटनाक्रम को यात्रियों के लिए बेहद कष्टदायक बताते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, एयर इंडिया और टाटा समूह को टैग करते हुए मामले को उठाया।
एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक जवाब में कहा कि उड़ान ऑपरेशनल कारणों से विलंबित हुई और अब अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुकी है। एयरलाइन ने यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें आंतरिक समीक्षा के लिए दर्ज करने की बात कही।
इसी उड़ान में सफर कर रहीं विकास बिश्नोई की पुत्री देवांशी बिश्नोई ने फोन पर बताया कि वह एक सोलो फीमेल ट्रैवलर हैं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्हें ऑस्ट्रेलिया समयानुसार शाम 7:40 बजे मेलबर्न पहुंचना था, लेकिन उड़ान में देरी के कारण अब उनका आगमन रात 12:50 बजे होगा। उन्होंने कहा कि विदेशी देश में आधी रात के समय अकेले उतरना उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय है और यह अनुभव उनके लिए मानसिक रूप से बेहद तनावपूर्ण रहा।
देवांशी ने बताया कि विमान में बड़ी संख्या में बुजुर्ग यात्री भी थे, जो अपने बच्चों और परिवार से मिलने ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे। उनके साथ वाली सीट पर बैठे केरल के एक बुजुर्ग दंपति भी लंबे इंतजार से काफी परेशान नजर आए। उन्होंने कहा कि लगातार कई घंटे तक विमान की एक ही सीट पर बैठे रहना यात्रियों के लिए किसी सजा से कम नहीं था।
यात्रियों ने मांग की है कि एयरलाइंस भविष्य में ऐसी स्थिति में पारदर्शी सूचना, समय पर अपडेट और यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी प्रबंधन व्यवस्था लागू करे।
छह घंटे की उड़ान बनी सजा: एयर इंडिया की देरी से मेलबर्न जाने वाले यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें









