उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष सिन्हा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR- 2026) अभियान के अंतर्गत जिले में 15 जून से व्यापक स्तर पर कार्य चल रहा है। इस अभियान के प्रथम चरण में वर्ष बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा रहे हैं तथा 15 जुलाई तक उन्हें भरवाकर वापस प्राप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को सफल, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने में सभी राजनीतिक दलों तथा उनके बूथ लेवल एजेंट-2 (बीएलए-2) की महत्वपूर्ण भूमिका है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के अंतर्गत आज उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष सिन्हा ने लघु सचिवालय के सभागार कक्ष में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अभियान की प्रगति की समीक्षा की।
जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष सिन्हा ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा बीएलए-2 को बीएलओ के सहयोग हेतु अधिकृत किया गया है। बीएलए-2 गणना प्रपत्रों के वितरण एवं संग्रहण में सहयोग कर सकते हैं तथा मतदाताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं को प्रपत्र प्राप्त करने या भरने में किसी प्रकार की कठिनाई आ रही है, वहां राजनीतिक दलों का सहयोग अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई मतदाता निर्धारित अवधि तक अपना गणना प्रपत्र जमा नहीं करता है तो उसका नाम प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) में शामिल होने में समस्या आ सकती है। इसलिए सभी राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करने में सहयोग करें।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिले में लगभग 18.80 लाख मतदाता हैं और इतने बड़े स्तर पर चल रही इस प्रक्रिया में यदि कहीं किसी मतदाता का नाम, बूथ अथवा अन्य विवरण संबंधी समस्या सामने आती है तो उसे संबंधित ईआरओ, एईआरओ, एसडीएम अथवा बीएलओ के संज्ञान में तुरंत लाया जाए ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं के पास वर्ष 2002 की मतदाता सूची से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं है अथवा उनके माता-पिता या दादा-दादी का उस अवधि में मतदाता रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, ऐसे मामलों में भी गणना प्रपत्र जमा करने में कोई बाधा नहीं है। ऐसे मामलों की जांच बाद की प्रक्रिया में की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।
बैठक के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बूथों के पुनर्गठन, पुराने मतदाता रिकॉर्ड की उपलब्धता, ऑनलाइन खोज में आ रही समस्याओं, परिवार के सदस्यों के अलग-अलग बूथों पर दर्ज नामों तथा गणना प्रपत्रों के वितरण से संबंधित सुझाव एवं प्रश्न रखे। डीसी आयुष सिन्हा ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है तथा इस प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सही रूप में दर्ज होना सुनिश्चित किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष सिन्हा ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक बीएलए-2 की नियुक्ति कर उनकी सूची शीघ्र जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराएं ताकि पुनरीक्षण अभियान में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि बीएलए-2 की सक्रिय मौजूदगी से मतदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ेगा। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित इस अभियान में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
बैठक में बीजेपी से मनीष गुलाटी, अश्विनी गुलाटी व बीएलए-1 मनीष राघव, राजकुमार शर्मा, मनीष लोहिया, मुकेश शर्मा, जेजेपी से प्रेम सिंह धनकड़, बीएलए-1 करामात अली, धीरज सिंह, परविंदर सिंह, आईएनएलडी जीत सिंह डागर, कांग्रेस पार्टी से राहुल सरदाना, प्रशांत कौशिक, आप पार्टी से रविंदर, भीम यादव, बीएसपी से मनोज कुमार, टीकम सिंह, बहुजन समाज पार्टी से महेश कुमार सहित अन्य कई बीएलए-1 ने बैठक में भाग लिया।









