भिवानी, 30 जून। एडीसी दीपक बाबू लाल करवा की अध्यक्षता में मंगलवार को स्थानीय लघु सचिवालय परिसर स्थित डीआरडीए सभागार में रोड सेफ्टी को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में एडीसी ने नेशनल हाईवे, स्टेट हाइवे, लोक निर्माण विभाग, मार्केटिंग बोर्ड, पंचायती राज आदि सडक़ निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग संबंधित सडक़ मार्गों पर बने गड्ढों को शीघ्र दुरूस्त करवाना सुनिश्चित करने के साथ-साथ सडक़ के किनारे खड़ी झांडियों को भी काटा जाए।
बैठक में एडीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाईवे व अन्य मुख्य मार्गों पर अवैध कटों को बंद करना सुनिश्चित करें। उन्होंने एनएचए और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को संबंधित सडक़ पर बने गड्ढों को जल्द से जल्द दुरूस्त करवाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंंने एसडीएम भिवानी, तोशाम, सिवानी व लोहारू को सम्बंधित क्षेत्र में संभावित दुर्घटना वाले स्पॉट चिन्हित कर हादसों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में ज्यादातर बिना हेलमेट पहने दुपहिया वाहन चालक मौत का शिकार होते हैं। उन्होंने यातायात पुलिस को बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चालकों व ओवर स्पीड वाहन चालकों के अधिक से अधिक चालान किए जाने के निर्देश दिए। एडीसी ने यातायात पुलिस व आरटीए को निर्देश दिए कि यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों का अधिक से अधिक चालान करें।
एडीसी ने स्कूल वाहन पॉलिसी की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि स्कूली वाहनों की गहनता से जांच सुनिश्चित करें। स्कूल वाहनों में रोड़ नियमों की पालना होनी चाहिए। एडीसी ने कहा कि सुरक्षा के सभी जरूरी उपकरण होने चाहिए। वाहनों पर स्कूल से संबंधित संपर्क नंबर जरूर अंकित हो। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्कूल वाहनों के चालकों के वैध ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन फिटनेस तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर किसी सरकारी अथवा आयुष्मान पैनल अस्पताल में भर्ती कराने पर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। बैठक में नोडल अधिकारी डॉ मनीष श्योराण ने बताया कि मई 2026 में जिले में 11 सडक़ दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 11 लोगों की मृत्यु हुई। इस पर एडीसी ने संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर टी-प्वाइंट/मोड़ होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका है, वहां सावधानी बोर्ड लगाने, आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप्स तथा अन्य चेतावनी संकेतक स्थापित करें। बैठक में एसडीएम महेश कुमार, डीडीपीओ सोमबीर कादयान, डीएसपी अनूप कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया सहित संबंधित विभागों से अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।









