सिरसा, 17 जुलाई।
विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना कारण मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। सोशल मीडिया और कुछ अन्य माध्यमों पर फैलाए जा रहे इस तरह के दावे पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
चुनाव तहसीलदार हनुमान दास ने बताया कि वर्ष 2025-26 का विशेष गहन पुनरीक्षण देश का दसवां गहन पुनरीक्षण है तथा हरियाणा में 24 वर्ष बाद यह प्रक्रिया कराई जा रही है। 24 जुलाई तक चल रहे गणना चरण के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया गया। जिन मतदाताओं ने हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र जमा कर दिए हैं, उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज की मांग के शामिल किए जाएंगे।
केवल पांच श्रेणियों के मतदाता ही प्रारूप सूची में नहीं होंगे शामिल
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होंगे, उन्हें भी सीधे सूची से नहीं हटाया जाएगा। ऐसे मामलों में स्थानीय जांच के आधार पर केवल पांच श्रेणियों के मतदाताओं को अप्राप्त गणना पत्र के रूप में दर्ज किया जाएगा। इनमें डुप्लीकेट या एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाता, मृत व स्थायी रूप से अन्य स्थान पर स्थानांतरित मतदाता, अनुपस्थित या जिनका पता नहीं चल सका।
उन्होंने बताया कि इन श्रेणियों के आधार पर एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत्यु, प्रतिलिपि) सूची तैयार की जाएगी। प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ, राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट तथा स्थानीय प्रतिनिधियों की बैठक में इस सूची का सत्यापन किया जाएगा। बैठक की कार्यवाही और फोटो भी बीएलओ ऐप पर अपलोड की जाएगी।
31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियों का अवसर
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 31 जुलाई को किया जाएगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इस अवधि में कोई भी मतदाता प्रारूप मतदाता सूची या एएसडीडी सूची के विरुद्ध आपत्ति दर्ज करा सकेगा। पात्र नागरिक प्रपत्र-6 के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का दावा कर सकेंगे। मतदाता विवरण में संशोधन के लिए प्रपत्र-8 प्रस्तुत किया जा सकेगा। 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक भी आवेदन कर सकेंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र अवश्य जमा करें।
सिरसा जिले में शत-प्रतिशत गणना कार्य पूरा
सिरसा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में गणना कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। जिले के सभी 996 बूथ लेवल अधिकारियों ने 10,05,598 मतदाताओं तक गणना प्रपत्रों का वितरण कर दिया गया है।
जिले में कुल 9,00,431 (89.54 प्रतिशत) गणना प्रपत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैंं। विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार ऐलनाबाद में सबसे अधिक 95.85 प्रतिशत प्रपत्र डिजिटाइज हुए हैं, जबकि सिरसा विधानसभा में 76.84 प्रतिशत डिजिटाइजेशन दर्ज किया गया है। कालांवाली में 94.24 प्रतिशत, रानियां में 93.44 प्रतिशत तथा डबवाली में 90.31 प्रतिशत प्रपत्र डिजिटाइज किए गए हैं।









