झज्जर, 23 अप्रैल। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने गुरुवार को झज्जर-गुरुग्राम रोड स्थित गोकुल धाम चिकित्सालय का दौरा कर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घायल पशुओं के उपचार, ओपीडी सुविधा, एक्सरे, फार्मेसी कक्ष, आईसीयू, परिसर की साफ-सफाई, तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने गोकुलधाम में श्री किशोरी कामधेनु गाय की विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि व नागरिकों के कल्याण की कामना की। उन्होंने गौसेवा को भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा बताते हुए कहा कि गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना चाहिए।
डीसी ने कहा कि गौ चिकित्सालय में बेसहारा पशुओं की देखभाल समयबद्ध व बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए प्रबंधन समिति बधाई की पात्र हैं। उन्होंने विशेष रूप से बीमार व घायल गौवंश के त्वरित उपचार, नियमित स्वास्थ्य जांच और उचित देखरेख पर बल दिया,ताकि किसी भी पशु को अनावश्यक कष्ट न झेलना पड़े।
उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने, नियमित सैनिटाइजेशन तथा चिकित्सा संबंधी सुविधाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
इस बीच गोकुलधाम के संरक्षक सुनील निमाना ने डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल का गौकुल धाम पहुँचने पर स्वागत किया तथा गौ चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं, उपचाराधीन पशुओं की संख्या, उपचार व्यवस्था तथा दैनिक संचालन से जुड़ी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गौ चिकित्सालय में निरंतर घायल गौ माता के अलावा अन्य जीवों की देखभाल की जा रही है तथा जरूरतमंद व असहाय गौवंश को प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती है। साथ ही स्थानीय नागरिकों व समाजसेवियों का भी समय-समय पर सहयोग मिलता रहता है।
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने गौ सेवा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गौसेवा एक सामाजिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा चिकित्सा सुविधाओं में नियम अनुसार हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि घायल बेसहारा पशुओं के लिए दवाइयों के लिए दिया गया दान गौवंश के लिए जीवनदायी होगा।
इस अवसर पर एसडीएम झज्जर रवि मीणा, बीडीपीओ राजाराम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।





