चंडीगढ़, 21 अप्रैल -मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब जापानी कम्पनियों का निवेश को लेकर भरोसा बढ गया है और अब निवेश को लेकर ललायित हैं। जापानी कम्पनी के निवेश के तहत मानेसर में एक अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह अपनी तरह का देश में सबसे बड़ा और पहला केंद्र होगा, जो न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा बल्कि हरियाणा को औद्योगिक हब के रूप में और अधिक मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर 2025 में जापान यात्रा के दौरान हुए एमओयू (समझौता ज्ञापन) का यह प्रत्यक्ष परिणाम है। जापान का हरियाणा की नीतियों और औद्योगिक वातावरण पर गहरा विश्वास बढा है और इस निवेश के रूप में सामने आया है। इससे भविष्य में और भी विदेशी निवेश के रास्ते खुलेंगे तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजन होंगे। इस प्रकार मुख्यमंत्री का जापानी दौरा साकार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना है और ‘कॉस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस’ को कम करना है। इसके लिए सरकार ने अनेक सुधारात्मक एवं आवश्यक कदम उठाए हैं, जिससे उद्योगपतियों को निवेश करने में सहायता मिल रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने औद्योगिक निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत सभी आवश्यक एनओसी एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाई जाती हैं। इससे प्रक्रियाएं सरल और तेज हुई हैं, जिससे विदेशी कंपनियों का राज्य की ओर आकर्षण बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई उद्योगों के अनुकूल योजनाओं और सुविधाओं के कारण हरियाणा निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। सरकार आगे भी निवेश को ओर अधिक बढ़ावा देने व रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरूण गुप्ता, महानिदेशक उद्योग एवं वाणिज्य डा. यश गर्ग, एचएसआईडीसी के एमडी सुशील सारवान, मुख्यमंत्री के विदेश सहयोग विभाग के सलाहाकार पवन चौधरी, डाइकिन के एमडी कमलजीत जावा, नागा मोरी, रिसर्च सेंटर के एमडी एंडो सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।





