सिरसा। प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि राजकुमार शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगाए जा रहे समाधान शिविर केवल दिखावे तक सीमित रह गए हैं। लोगों को इन शिविरों से कोई राहत नहीं मिल पा रही। अधिकारी कागजों में शिकायतों का निपटारा कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। जारी बयान में शर्मा ने कहा कि समाधान शिविरों का उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का मौके पर ही निपटारा करना था, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में उन्हें केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। कई शिकायतों को दर्ज तो कर लिया जाता है, पर उनका निपटारा लंबे समय तक नहीं किया जाता। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी भी इन शिविरों को गंभीरता से नहीं ले रहे। वे केवल औपचारिकता निभाने के लिए शिविर में मौजूद रहते हैं और शिकायतों के समाधान के बजाय कागजी खानापूर्ति कर चले जाते हैं। राजकुमार शर्मा ने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों, राजस्व विवादों और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का मौके पर समाधान करने का दावा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। शर्मा ने कहा कि सरकार इन शिविरों के जरिए केवल अपनी छवि सुधारने का प्रयास कर रही है। प्रचार-प्रसार पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है, जबकि धरातल पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर होती, तो इन शिविरों के परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देते। राजकुमार शर्मा ने मांग की कि सरकार समाधान शिविरों की वास्तविक स्थिति का पता लगाए और यह सुनिश्चित करे कि हर शिकायत का समय पर और पारदर्शी तरीके से निपटारा हो। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
On: April 23, 2026 2:55 PM





