सिरसा, 29 अप्रैल।
जनगणना निदेशक डॉ. ललित जैन ने समस्त जिला वासियों से आह्वान किया है कि स्वयं जनगणना के अंतिम दिन आज 30 अप्रैल को बढ़-चढक़र भाग लेकर अपनी जनगणना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि अब तक हरियाणा में 2 लाख 45 हजार से अधिक परिवारों ने स्वयं जनगणना कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है, जो राज्य में जनभागीदारी और जागरूकता का प्रतीक है। विशेष रूप से युवाओं में स्वयं जनगणना के प्रति अत्यंत उत्साह देखने को मिला है। स्वयं जनगणना एक बहुत ही सरल प्रक्रिया है और इसको 5-7 मिनट में se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर पूर्ण किया जा सकता है।
डॉ. जैन ने बताया कि 1 मई से राज्यभर में वास्तविक हाउस लिस्टिंग एवं जनगणना संचालन प्रारंभ होने जा रहे हैं। उन्होंने आम जनमानस से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में आने वाले सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के साथ पूर्ण सहयोग करें तथा उन्हें सही, सटीक एवं अद्यतन जानकारी प्रदान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई समस्त जानकारी पूर्णत: गोपनीय रखी जाएगी तथा इसे किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा।
डॉ. जैन ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय दायित्व है, जिसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक देश के विकास, नीति निर्धारण एवं संसाधनों के न्यायसंगत वितरण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि जनगणना कर्मियों को आवश्यक जानकारी देने से इनकार करना अथवा सहयोग न करना जनगणना अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय महोत्सव में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपनी जनगणना अवश्य करवाएँ।
डॉ. जैन ने कहा कि सभी जिलों में जनगणना संचालन के लिए व्यापक एवं उत्कृष्ट तैयारियां की हैं तथा व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित हैं। उन्होंने कहा कि प्रगणक एवं पर्यवेक्षक जनगणना प्रक्रिया के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, और उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
यदि किसी प्रगणक, पर्यवेक्षक अथवा नागरिक को किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे अपने संबंधित पर्यवेक्षक/तहसीलदार से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जनगणना विभाग का हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है, जिस पर कोई भी नागरिक, प्रगणक या पर्यवेक्षक अपनी समस्या दर्ज करा सकता है। प्रत्येक शिकायत/समस्या पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी









