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डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों की बैठक में की शत प्रतिशत लिंगानुपात, नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी, चाइल्ड हेल्थ, डायरिया रोकथाम एवं एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रमों की समीक्षा

झज्जर, 3 जून। उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करना चाहिए।

उपायुक्त वर्षा खांगवाल बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

डीसी ने कहा कि  बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को बढ़ावा देने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा  लिंगानुपात की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि बेटियों के संरक्षण एवं सम्मान को बढ़ावा देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पीसीपीएनडीटी एक्ट की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जाए तथा अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी की जाए। जिन क्षेत्रों में लिंगानुपात अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जोड़ने का कार्य किया जाए।
उन्होंने बैठक में नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन एवं वहां उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की । उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बहादुरगढ़ स्थित नशा मुक्ति केंद्र  का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा उपचाराधीन व्यक्तियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एवं परामर्श सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि युवा वर्ग को इस सामाजिक बुराई से दूर रखा जा सके।
डीसी ने चाइल्ड हेल्थ कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं टीकाकरण से जुड़े सभी लक्ष्य समयबद्ध रूप से पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि जन्म से लेकर किशोरावस्था तक बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा कुपोषण की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
बैठक में गर्मी के मौसम को देखते हुए डायरिया एवं जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई तथा जनजागरूकता गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, किशोरियों एवं बच्चों में एनीमिया की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं। आयरन एवं फोलिक एसिड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ नियमित स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि एनीमिया मुक्त जिला बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सभी कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सभी अधिकारी आपसी समन्वय एवं टीम भावना से कार्य करते हुए जन स्वास्थ्य से जुड़े लक्ष्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करना सुनिश्चित करें।
*ये अधिकारी रहे उपस्थित*
इस अवसर पर एसडीएम बादली विशाल कुमार, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, सीटीएम रितु बंसीवाल, सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादयान, डीडीपीओ निशा तंवर, डीईओ रतिंद्र सिंह,डीईईओ राजबाला मलिक  सहित स्वास्थ्य,महिला एवं बाल विकास विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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लेखक✓ Verified Author

Sahab Ram

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