×
Chaupal Tv
Latest Update

 पालन से रोहतक निवासी अजय कुमार बना आत्मनिर्भर

रोहतक, 9 मई। जिला के स्थानीय निवासी अजय कुमार 60 एकड़ में झींगा पालन से लगभग एक करोड़ रुपये की वार्षिक आय प्राप्त कर रहा है। मत्स्य पालन विभाग के लाहली स्थित केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान से प्रशिक्षण लेकर 2015 में 2.5 एकड़ भूमि से झींगा पालन करने वाला किसान आज लगभग 60 एकड़ में 150 टन तक झींगा उत्पादन कर रहा है। अब वह अन्य किसानों को झींगा पालन अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। 

       मत्स्य पालक अजय कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इस किसान ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता की मिशाल पेश की है। बीसीए तक शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत वर्ष 2005 में कार्पोरेट सेक्टर में निजी बैंक से करियर की शुरुआत की। 

     झींगा पालक अजय कुमार ने वर्ष 2011 तक कार्पोरेट सेक्टर में नौकरी करने के बाद स्वरोजगार अपनाने का निर्णय लिया। प्रधानमन्त्री मत्स्य संपदा योजना के बारे में मत्स्य पालन विभाग व लाहली स्थित केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान से 2014 में जानकारी लेकर इसी केंद्र से मत्स्य पालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ष 2015 में लाहली गांव से 2.5 एकड़ से झींगा पालन शुरू करने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

  अजय कुमार ने झींगा पालन से हुई आय से प्रेरित होकर झींगा पालन के व्यवसाय को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इसके बाद किसान ने घड़ावठी गांव में 10 एकड़ में झींगा पालन का विस्तार किया और वर्तमान में 60 एकड़ में व्यवसाय को बढ़ाया है।

बाॅक्स:- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना नीली क्रांति को दे रही नई गति:- उपायुक्त सचिन गुप्ता

        उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना देश के “ब्लू रिवोल्यूशन” को नई गति प्रदान कर रही है। भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का उद्देश्य देश में मत्स्य पालन क्षेत्र का समग्र विकास करना है।

      सचिन गुप्ता ने बताया कि इस योजना के माध्यम से मछली उत्पादन बढ़ाने, मछुआरों की आय में वृद्धि करने तथा रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत आधुनिक मत्स्य पालन, कोल्ड स्टोरेज, मछली परिवहन, प्रसंस्करण तथा विपणन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। साथ ही मछुआरों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है।

       जिला मत्स्य अधिकारी आशा हुड्डा ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के माध्यम से भारत को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाए। योजना के तहत मीठे एवं खारे पानी के तालाब बनाकर मत्स्य पालन पर अनुदान प्रदान किया जाता है।

फ़ोटो सहित। 

खबर पसंद आई?इसे शेयर करें
लेखक✓ Verified Author

Sahab Ram

ताजा खबरों और अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।