रोहतक, 21 मई। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि समग्र शिक्षा विभाग द्वारा दिव्यांग विद्यार्थियों को आधुनिक एवं उपयोगी सहायक उपकरण उपलब्ध करवाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। ऐसे प्रयास दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास एवं सामाजिक सहभागिता को भी सुदृढ़ करते हैं।
नरेंद्र कुमार स्थानीय मॉडल टाउन स्थित पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय में समग्र शिक्षा एवं पीएम श्री योजना के अंतर्गत दिव्यांग विद्यार्थियों के सशक्तिकरण एवं समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आयोजित शिविर में बतौर मुख्यातिथि उपस्थिगण को संबोधित कर रहे थे। जिला शिक्षा अधिकारी रोहतक मंजीत मलिक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने इस शिविर में 147 दिव्यांग विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकता अनुसार सहायक उपकरण वितरित किए। इन उपकरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने एवं दैनिक जीवन में अधिक सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रयास किया गया है।
नरेंद्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वितरित किए गए उपकरणों के रखरखाव एवं मरम्मत संबंधी आवश्यकताओं हेतु अभिभावकों से निरंतर संपर्क बनाए रखा जाए, ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सीएसआर फंड के माध्यम से भी सहयोग सुनिश्चित किया जा सकता है। शिविर में वितरित किए गए सहायक उपकरणों में व्हीलचेयर, सीपी चेयर, रोलेटर्स, कैलिपर्स, हियरिंग एड्स, वीआई किट्स, टीएलएम किट्स, ट्राइसाइकिल, स्क्रीन रीडिंग सॉफ्टवेयर युक्त स्मार्ट फोन, प्रोस्थेसिस, वॉकिंग स्टिक्स सहित अन्य उपकरण शामिल थे।
समग्र शिक्षा की जिला परियोजना समन्वयक सुमन हुड्डा ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, अधिकारियों एवं अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि समग्र शिक्षा विभाग दिव्यांग बच्चों के समावेशन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु निरंतर कार्य कर रहा है, ताकि प्रत्येक बच्चा समान अवसर प्राप्त कर आत्मनिर्भर एवं सफल नागरिक बन सके। कार्यक्रम के सफल संचालन में एपीसी राजेश मलिक एवं सुरेंद्र दहिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
साथ ही पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मॉडल टाउन की प्रधानाचार्य मीता कंसल द्वारा कार्यक्रम स्थल पर किए गए उत्कृष्ट प्रबंधों की भी सराहना की गई। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने विभाग के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे दिव्यांग बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी पहल बताया। इस अवसर पर जिला के सभी विशेष अध्यापक, एलिम्को के अधिकारी एवं ड्यूटी स्टाफ उपस्थित रहा।









