*नई दिल्ली,14 मई।* डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन(डीएमए इंडिया) ने नीट -यूजी 2026 पेपर लीक मामले को देश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था पर “संस्थागत भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता” बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विस्तृत पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
*ये पत्र डॉ अमित व्यास (राष्ट्रीय अध्यक्ष), डॉ शुभ प्रताप सोलंकी (राष्ट्रीय महासचिव),डॉ भानु कुमार (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष) एवं डॉ सागरिका (राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ सचिव) ने प्रधानमंत्री को लिखा है।*
*डॉ व्यास एवं डॉ सोलंकी ने कहा-*
नीट-यूजी 2026 का रद्द होना केवल एक परीक्षा का रद्द होना नहीं है, बल्कि यह देश के लगभग 23 लाख छात्रों के विश्वास, मेहनत और भविष्य के साथ विश्वासघात है। डीएमए इंडिया के अनुसार बार-बार होने वाले पेपर लीक अब संयोग नहीं बल्कि एक संगठित “पेपर लीक माफिया नेटवर्क” और पूरी परीक्षा प्रणाली की विफलता का प्रमाण हैं।हर बार जाँच के आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन पेपर लीक माफिया फिर सक्रिय हो जाता है।इससे साफ है कि मौजूदा सिस्टम पूरी तरह असफल हो चुका है।
*NTA को भंग करने की मांग*
डीएमए इंडिया ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को “पूरी तरह विफल संस्था” बताते हुए कहा कि लगातार घोटालों और सुरक्षा चूक के बाद अब एनटीए के पास राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं कराने का नैतिक और प्रशासनिक अधिकार नहीं बचा है।
संगठन ने मांग की है कि एनटीए को तत्काल भंग किया जाए तथा नीट परीक्षा आयोजित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित स्वतंत्र समिति बनाई जाए, जो पूर्ण पारदर्शिता,तकनीकी सुरक्षा और न्यायिक निगरानी के तहत परीक्षा प्रक्रिया संचालित करे।
संगठन ने नीट को पूर्णतः कंप्यूटर -बेस्ड टेस्ट (CBT) मॉडल पर कराने,डिजिटल एन्क्रिप्शन और मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की भी मांग की।
*एनएमसी की चुप्पी पर सवाल-*
डीएमए इंडिया ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) पर मेडिकल कॉलेज निरीक्षण घोटालों, अमानवीय ड्यूटी घंटे, स्टाइपेंड न मिलने, मनमानी फीस वसूली और पीजी छात्रों के शोषण जैसे मुद्दों पर लगातार मौन रहने का आरोप लगाया।
*शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग-*
डीएमए इंडिया ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की है।संगठन का कहना है कि करोड़ों छात्रों को प्रभावित करने वाली ऐसी संस्थागत विफलताओं पर शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
*राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ भानु कुमार एवं राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ सचिव डॉ. सागरिका ने कहा:*
देश का हेल्थकेयर सिस्टम मजबूत नहीं हो सकता यदि मेडिकल शिक्षा में प्रवेश ही भ्रष्टाचार और पैसे के दम पर तय होने लगे।लाखों छात्र मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं, लेकिन सरकार और एजेंसियों की संवेदनहीनता लगातार दिखाई दे रही है।
डीएमए इंडिया ने प्रधानमंत्री मोदी जी से ये भी अपील की है कि यदि अब भी कठोर और संरचनात्मक सुधार नहीं किए गए, तो देश की मेडिकल शिक्षा प्रणाली से जनता का विश्वास पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
*मीडिया साथियों के लिए संपर्क सूत्र-*
*डॉ अमित व्यास,*
*राष्ट्रीय प्रमुख एवं अध्यक्ष,*
*डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए इंडिया)*
*फोन – 95184 72682*
*ईमेल-* *amitvyas071995@gmail.com*
*contact@dmain.org*









