HaryanaSikh Community’s Legacy of Sacrifice a matter of pride for every Indian- CM
Chandigarh, May 30- Haryana Chief Minister, Sh. Nayab Singh Saini on Saturday lauded the Sikh community’s unparalleled contribution to the nation, saying its legacy…
HaryanaChandigarh, May 30- Haryana Chief Minister, Sh. Nayab Singh Saini on Saturday lauded the Sikh community’s unparalleled contribution to the nation, saying its legacy…
Haryanaझज्जर,30 मई। डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत फसल अवशेष प्रवंधन कृषि…
Haryanaचंडीगढ़, 30 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सिख समाज की अटूट वीरता और…
Haryanaसूरजकुंड (फरीदाबाद), 30 मई। हरियाणा पर्यटन निगम द्वारा आज विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं सांस्कृतिक स्थल सूरजकुंड…
Haryanaफरीदाबाद, 30 मई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा के निर्देशानुसार जिला फरीदाबाद में 1 जून से 30…
HaryanaRohtak, May 30: Deputy Commissioner Sachin Gupta has directed all concerned departments to ensure that flood…
Haryanaरोहतक, 30 मई। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा है कि आगामी बरसात के मौसम को देखते…
Haryanaभिवानी, 30 मई । जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन व जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर…
Haryanaनई दिल्ली, 30 मई, 2026: सुप्रीम कोर्ट ने वन्यजीव बचाव, पुनर्वास और संरक्षण से जुड़े एक मामले में वनतारा के खिलाफ दायर नई अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि जिन आरोपों को फिर से उठाने की कोशिश की गई है, वे पहले ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल यानी SIT की विस्तृत जांच के दायरे में आ चुके हैं और उन पर अंतिम रूप से विचार हो चुका है। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने कहा कि जिन मामलों की जांच SIT कर चुकी है और जिन पर कोर्ट पहले फैसला दे चुका है, उन्हें बार-बार दोबारा नहीं खोला जा सकता। कोर्ट ने वनतारा के खिलाफ जांच, जब्ती या अभियोजन जैसी मांगों को अस्वीकार कर दिया। आदेश में कोर्ट ने कहा कि यूएई, वेनेजुएला, ब्राजील, चेक रिपब्लिक, दक्षिण अफ्रीका और अन्य देशों से जुड़े जानवरों के ट्रांसफर वैध दस्तावेजों, CITES परमिट और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की मंजूरी के आधार पर हुए थे। कोर्ट ने इन्हें गैर-व्यावसायिक और जू-टू-जू ट्रांसफर माना। सुप्रीम कोर्ट ने जामनगर में वनतारा के काम की अहमियत को भी माना। आदेश में लुप्तप्राय मैकॉ पक्षियों के संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रम का जिक्र किया गया। कोर्ट ने कहा कि जिन जानवरों को कानूनी तरीके से लाकर सुरक्षित माहौल और देखभाल दी जा रही है, उन्हें वहां से हटाना उनके हित में नहीं होगा। बल्कि वह क्रूरता के दायरे में आएगा। वनतारा के सीईओ विवान करणी ने कहा, “यह फैसला दिखाता है कि हमारा काम सही दिशा में है। वनतारा में आया हर जानवर कानूनी प्रक्रिया के तहत आया है, उसकी पूरी संवेदनशीलता के साथ देखभाल की गई है और उसे जीवनभर सुरक्षा दी जा रही है। हमारे लिए संरक्षण सिर्फ कहने की बात नहीं, बल्कि हर दिन निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है।”
Haryanaसिरसा। समाज सेवा में सदैव अग्रणी रहने वाली संस्था ‘हारे का सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट’ के प्रधान…