×
Chaupal Tv
Haryana

फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 जून तक

झज्जर,30 मई। डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत फसल अवशेष प्रवंधन कृषि यंत्रों से फसल अवशेषों को खेतों में मिलाने व अन्य प्रबंधन के लिए व्यक्तिगत श्रेणी के किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है,इच्छुक किसान 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

डीसी ने बताया कि फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर अनुदान योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लग सके।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, रोटावेटर, श्रेडर, मल्चर, बेलर, जीरो टिल ड्रिल, रिवर्सिबल एम.बी. प्लाऊ, स्ट्रॉ रीपर सहित अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा।
डीसी ने कहा कि इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल agriharyana.gov.in⁠ पर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जून  निर्धारित की गई है।
वर्षा खांगवाल ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि फसल अवशेष जलाने के बजाय आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करते हुए सदुपयोग करें। इससे जहां पर्यावरण संरक्षण होगा, वहीं भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहेगी और किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से मिट्टी के सूक्ष्म जीव नष्ट होते हैं तथा स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।  उप कृषि निदेशक डा. सुरेन्द्र मलिक ने बताया कि  लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर आवेदित किसानों की वरिष्ठता सुची जिला कार्यकारिणी समिति, झज्जर द्वारा उपायुक्त की अध्यक्षता व किसानों की उपस्थिति में ऑनलाईन ड्रा के माध्यम से निर्धारित की जाएगी।
इस तरह कर आवेदन कर सकेंगे किसान
वहीं सहायक कृषि अभियन्ता डॉ राजीव पाल  ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के
लिए किसान का खरीफ व रबी सीजन 2025-26 में मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है, किसान के नाम या परिवार पहचान पत्र मे से किसी भी सदस्य के नाम हरियाणा राज्य में पंजीकृत ट्रैक्टर की वैध आर.सी, बैंक खाता (गेरी फसल मेरा ब्यौरा के अनुसार), पैन कार्ड, परिवार पहचान पत्र एवं आधार कार्ड की आवश्यकता होगी। लघु एवं सीमात श्रेणी का लाभ लेने हेतु किसान को पटवारी की रिपोर्ट करवानी होगी। अनुसूचित जाति के किसानो को अपना जाति प्रमाण पत्र देना होगा। आवेदन करने वाले किसानो को खेत में फसल अवशेष नहीं जलाने बारे व पिछले 3 वर्षों में उसी कृषि यंत्र पर परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा अनुदान न लेने बारे शपथ पत्र भी देना होगा।

उपरोक्त दस्तावेज किसान को विभागीय वैबसाइट पर ऑनलाईन आवेदन करते समय अपलोड भी करने होगें। इसके अतिरिक्त व्यक्तिगत श्रेणी के लिए एक किसान केवल एक कृषि यंत्र के लिए ही आवेदन कर सकता है। यदि किसान का चयन बेलर मशीन के लिए हो जाता है तो वह हे रेक/स्ट्रा रेक व शर्ब मास्टर / रोटरी स्लेशर मशीन पर भी अनुदान ले सकता है। एक परिवार पहचान पत्र से केवल एक ही किसान को योजना का लाभ मिल सकता है। निदेशालय द्वारा निधारित लक्ष्यों व नियामानुसार  चयनित किसानों को उपरोक्त दस्तावेजों की स्वय सत्यापित प्रति 7 दिन के अन्दर  सहायक कृषि अभियन्ता, झज्जर के कार्यालय में जमा करवानी होगी। दस्तावेजो की जाँच उपरान्त उपकृषि निदेशक, झज्जर के माध्यम से ऑनलाईन परमिट जारी किये जाएंगे, जिन्हे किसान ऑनलाईन डाउनलोड कर सकता है। ऑनलाईन परमिट जारी होने के पश्चात 30 जुलाई तक किसान को विभाग द्वारा अनुमोदित निर्माता/डीलर से मशीन खरीदकर बिल, ई-वे बिल व जीपीएस लोकेशन सहित फोटो इत्यादि डीलर/निर्माता के माध्यम से पोर्टल पर अपलोड करवाने होंगे,अन्यथा वरिष्ठता सुची मे से अगले किसान को परमिट जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसान अधिक जानकारी के लिए किसान कल्याण विभाग कार्यालय अथवा विभागीय वेबसाइट agriharyana.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं।

खबर पसंद आई?इसे शेयर करें
लेखक✓ Verified Author

Sahab Ram

ताजा खबरों और अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।