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नशा मुक्त भारत अभियान में फार्मासिस्ट की अहम भूमिका : राहुल शर्मा

हिसार, 15 मई।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं आरोग्य भारती हिसार के सहयोग से जिले के विभिन्न मेडिकल स्टोरों पर जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत लोगों को नशे एवं नशीली दवाइयों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के आयोजक एवं पंजीकृत फार्मासिस्ट राहुल शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में युवाओं में बढ़ते नशे और नशीली दवाइयों के दुरुपयोग को रोकना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बन चुका है। इसी उद्देश्य से मेडिकल स्टोरों पर पोस्टर, पम्पलेट एवं जागरूकता संवाद के माध्यम से आमजन को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक नुकसान की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशे की लत से युवाओं का स्वास्थ्य खराब होता है, पारिवारिक तनाव बढ़ता है, आर्थिक स्थिति कमजोर होती है तथा अपराध जैसी सामाजिक समस्याएं भी बढ़ती हैं। इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को नशा रोकथाम अभियान में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

राहुल शर्मा ने कहा कि एक फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होता है, क्योंकि आमजन सबसे पहले मेडिकल स्टोर पर ही पहुंचता है। ऐसे में फार्मासिस्ट की जिम्मेदारी केवल दवाइयां उपलब्ध करवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को सही दवा उपयोग एवं नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना भी उसका नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि कई बार कुछ लोग बिना डॉक्टर की सलाह के नींद की गोलियां, दर्द निवारक दवाइयां एवं अन्य प्रतिबंधित दवाइयों का गलत उपयोग करते हैं, जो धीरे-धीरे नशे की लत का रूप ले लेता है। ऐसे मामलों में फार्मासिस्ट की जिम्मेदारी बनती है कि वह बिना वैध चिकित्सकीय पर्ची के ऐसी दवाइयों की बिक्री न करे तथा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी संबंधित विभाग को दे।

उन्होंने कहा कि यदि फार्मासिस्ट अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं तो नशीली दवाओं के दुरुपयोग को काफी हद तक रोका जा सकता है। सही परामर्श, समय पर जागरूकता एवं सकारात्मक संवाद के माध्यम से अनेक लोगों को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सकता है।राहुल शर्मा ने कहा कि मेडिकल स्टोर केवल दवा वितरण केंद्र नहीं बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता केंद्र भी बनने चाहिए, जहां लोगों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, दवाइयों के सही उपयोग एवं नशा मुक्त जीवन के बारे में सही जानकारी मिले। यदि समाज, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं फार्मासिस्ट मिलकर कार्य करें तो नशा मुक्त भारत अभियान को निश्चित रूप से सफल बनाया जा सकता है।

 उन्होंने युवाओं एवं आमजन से अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन, मजबूत परिवार एवं सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए नशे से दूर रहें तथा दूसरों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि “एक जागरूक फार्मासिस्ट और जागरूक समाज मिलकर ही नशा मुक्त भारत का सपना साकार कर सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने महिला एवं बाल अपराध रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थापित सुकून केंद्र की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में अनेक फार्मासिस्ट उपस्थित रहे।

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लेखक✓ Verified Author

Sahab Ram

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