गुरुग्राम, 11 जुलाई।
गुरुग्राम आज अपनी न्यायिक व्यवस्था के इतिहास में एक नए स्वर्णिम अध्याय का साक्षी बनने जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘टावर ऑफ जस्टिस’ का भव्य लोकार्पण आज भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत शर्मा के करकमलों से किया जाएगा। इस ऐतिहासिक समारोह को लेकर आयोजन स्थल पर सभी प्रशासनिक एवं न्यायिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
लोकार्पण समारोह की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा तथा न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी (अध्यक्ष, भवन समिति, हरियाणा) ने न्यायिक परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पीडब्ल्यूडी विभाग से एसीएस अपूर्व कुमार सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा, डीसी उत्तम सिंह, सीपी शिवास कविराज, *सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के एडिशनल डायरेक्टर मनीष लोहान* सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि हरियाणा की न्यायिक अधोसंरचना को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने तथा नागरिकों को अधिक सुलभ, पारदर्शी और तकनीक आधारित न्यायिक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। लोकार्पण समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, उच्चतम न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के अन्य माननीय न्यायाधीशगण, न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी (अध्यक्ष, भवन समिति, हरियाणा) तथा न्यायमूर्ति रोहित कपूर (प्रशासनिक न्यायाधीश, गुरुग्राम सेशन डिविजन) की विशिष्ट एवं गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इनके साथ प्रदेश सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, न्यायिक अधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी भी समारोह में शामिल होंगे।
डीसी ने बताया कि समारोह को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं न्यायिक प्रशासन ने पिछले कई दिनों से व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन में सभी विभागों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, वीआईपी मूवमेंट, चिकित्सा सहायता, अग्निशमन सेवाएं, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, संकेतक बोर्ड, मीडिया प्रबंधन तथा आमंत्रित अतिथियों के स्वागत एवं बैठने की व्यवस्थाओं का सूक्ष्म स्तर पर परीक्षण कर उन्हें पूर्ण कर लिया गया है।
*अत्याधुनिक ‘टावर ऑफ जस्टिस’ से न्यायिक व्यवस्था को मिलेगी नई ऊंचाई*
डीसी ने बताया कि गुरुग्राम में निर्मित अत्याधुनिक ‘टावर ऑफ जस्टिस’ प्रदेश की न्यायिक अधोसंरचना को नई पहचान देने वाला एक महत्वाकांक्षी प्रकल्प है। इस आधुनिक न्यायिक परिसर में कुल 56 न्यायालय, अत्याधुनिक न्यायिक सेवा केंद्र, सम्मेलन कक्ष, वादकारियों के लिए प्रतीक्षा क्षेत्र, महिला एवं पुरुष लॉक-अप, सर्वर एवं सीसीटीवी कक्ष, क्रेच तथा मातृ एवं शिशु देखभाल कक्ष जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके अतिरिक्त परिसर में अलग से एस्केलेटर ब्लॉक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, सीसीटीवी नेटवर्क, लैन सिस्टम और निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था भी की गई है, जिससे न्यायिक कार्यवाही अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बन सकेगी।
यह न्यायिक परिसर केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था को अधिक सुगम, व्यवस्थित और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। परिसर में 530 वाहनों की पार्किंग क्षमता (130 मुख्य भवन एवं 400 मल्टीलेवल बेसमेंट पार्किंग), अधिवक्ताओं के लिए विशाल बार रूम, बार लाइब्रेरी, कैंटीन, सार्वजनिक भोजनालय, जजों के लिए डाइनिंग एरिया, जिम, कॉपीिंग एजेंसी तथा अन्य प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आधुनिक डिजाइन और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त ‘टावर ऑफ जस्टिस’ न केवल हरियाणा की न्यायिक व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि गुरुग्राम को देश के सबसे आधुनिक न्यायिक परिसरों वाले शहरों में भी स्थापित करेगा।








