हिसार, 25 जून।
मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों द्वारा अभी तक किए गए कार्यों की समीक्षा के लिए उपायुक्त महेंद्र पाल ने वीरवार को जिले की प्रमुख ड्रेनों और जलभराव संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने गांव गंगवा, सातरोड, पातन, सेक्टर-33, शाहपुर, खरड़ और आर्य नगर सहित विभिन्न निचले इलाकों का दौरा कर जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान बाढ़ के पानी की निकासी के लिए लगाए गए पंप सेट, साइफन पंप, ड्रेन सफाई व्यवस्था, डीडी पंप सेट और पैनल बोर्ड की कार्यशीलता भी जांची गई। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी ड्रेनों की सफाई नियमित रूप से जारी रखी जाए और उनमें जमा गाद, कचरा व अन्य रुकावटों को हटाया जाए। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पंप सेट और अन्य आवश्यक मशीनरी उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए। उपायुक्त महेंद्र पाल ने तटबंधों को मजबूत करने, तेज हवाओं या तूफान के कारण गिरे पेड़ों को तुरंत हटाने तथा जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने नगर निगम, सिंचाई विभाग और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। इसके साथ ही ड्रेनों के किनारे हुए अतिक्रमण हटाने और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने कड़े शब्दों में कहा कि बाढ़ प्रबंधन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर दैनिक रिपोर्ट और फोटो उनके कार्यालय में भेजने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ज्योति मित्तल, राजस्व अधिकारी श्याम लाल और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता लोक पाल सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मानसून से पहले अलर्ट मोड पर प्रशासन, उपायुक्त ने ड्रेनों और जलभराव क्षेत्रों का किया निरीक्षण









