झज्जर, 29 अप्रैल।
जिला स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में संस्कारम यूनिवर्सिटी में ‘टीबी जागरूकता अभियान’ के अंतर्गत विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनिवर्सिटी के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुशीन महापात्रा ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप सिविल सर्जन डॉ. निधि मोमिया ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों, शैक्षणिक संस्थाओं एवं आमजन की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभियान की वर्तमान प्रगति साझा करते हुए युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर नागरिक अस्पताल झज्जर की चेस्ट एवं टीबी विशेषज्ञ डॉ. हिमानी ने टीबी रोग के वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी के लक्षणों की समय पर पहचान, नियमित जांच और उपचार की निरंतरता ही इस बीमारी पर नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम है। साथ ही उन्होंने खांसी-छींक के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, पौष्टिक आहार लेने और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम समन्वयक (DPC) शमशेर द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को ‘टीबी मुक्त भारत’ की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर की ओर से डीपीसी भूपेंद्र भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक टीबी के प्रति जागरूकता पहुँचाना है, ताकि सामूहिक प्रयासों से भारत को टीबी मुक्त बनाया जा सके।









