भिवानी, 09 जुलाई। शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के विभिन्न स्थानों पर आठ डिस्पोजल स्थापित हैं और आठ डिस्पोजल सीवरेज के हैं। बुधवार को भारी बारिश के बावजूद दो घंटे में पानी की निकासी हो गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। शहर के कुछ निचले इलाकों में पानी निकासी में कुछ समय अधिक समय लगा, जो स्वाभाविक है। इस बीच आमजन द्वारा नालों व गलियों में फेंके जाने वाला पॉलीथीन और कचरा बारिश के पानी निकासी में बाधा बन रहा है। डीसी साहिल गुप्ता ने नागरिकों से अपील की है कि गलियों व नालों में कूड़ा-कचरा व पॉलीथिन ना डालें ताकि पानी की निकासी निर्बाध रूप से हो सके। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार डिस्पोजल में पहुंचा पॉलीथीन या कचरा डिस्पोजल में फंस जाता है, जो मोटर जलने का मुख्य कारण है।
उल्लेखनीय है कि बारिश का मौसम शुरु हो चुका है। इसके साथ ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की अलर्ट मोड में आ गया है। विभाग के अनुसार शहर में विकास नगर डिस्पोजल में दो पंप सेट हैं, जिनकी क्षमता 8 क्यूसेक प्रति सेकेंड है। इसी प्रकार से कन्हीराम डिस्पोजल पर दो पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता चार क्यूसेक प्रति सेकेंड है। शिव नगर डिस्पोजल पर दो पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता चार क्यूसेक प्रति सेकेंड है। मिनी सचिवालय के सामने डिस्पोजल पर पांच पंपसेट हैं, जिसकी क्षमता 18 क्यूसेक है। ढाणा रोड डिस्पोजल पर पांच पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता 30 क्यूसेक प्रति सेकेंड है।
इसी प्रकार से जीतूवाला जोहड़ डिस्पोजल पर चार पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता चार क्यूसेक प्रति सेकेंड है। राजकीय महाविद्यालय डिस्पोजल पर दो पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता चार क्यूसेक प्रति सेकेंड है। जागृति कॉलोनी डिस्पोजल पर तीन पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता दो क्यूसेक प्रति सेकेंड है। वैश्य कॉलेज के सामने तीन पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता 28 क्यूसिक प्रति सेकेंड है। लघु सचिवालय चिडिय़ाघर रोड़ पर डिस्पोजल पर चार पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता 58 क्यूसिक प्रति सेकेंड है। निनाण डिस्पोजल पर तीन पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता पांच क्यूसिक प्रति सेकेंड है। देवसर चुंगी डिस्पोजल पर 11 पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता 36.5 क्यूसेक प्रति सेकेंड है। डिफेंस कॉलोनी डिस्पोजल पर तीन पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता दो क्यूसेक प्रति सेकेंड है। ऑटो मार्केट डिस्पोजल पर पांच पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता चार क्यूसेक प्रति सेकेंड है। नेकीराम डिस्पोजल पर दो पंपसेट हैं, जिनकी क्षमता आठ क्यूसेक प्रति सेकेंड है।
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प्रत्येक डिस्पोजल पर 24 घंटे तैनात किए हैं कर्मचारी
विभाग के कार्यकारी अभियंता सूर्यकांत ने बताया कि डीसी साहिल गुप्ता के आदेशानुसार बारिश के मौसम के मद्देनजर सभी डिस्पोजल पर 24 घंटे कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जो डिस्पोजल को संचालित करने का काम कर रहे हैं। वहीं नालों की जालियों के लिए अलग से कर्मचारी मैदान में रहे हैं, जो बारिश के दौरान नालियों की सफाई का काम करते हैं। वहीं दूसरी ओर सभी डिस्पोजल पर डीजी सेट स्थापित किए गए हैं, ताकि बारिश के दौरान बिजली की समस्या बाधा ना बने। सभी डिस्पोजल पर पानी निकासी की मॉनिटरिंग की जा रही है। जहां भी किसी प्रकार की दिक्कत आती है, उसको तुरंत प्रभाव से दुरूस्त किया जाता है।
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जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीन सभी नालों की जा चुकी है सफाई
डीसी साहिल गुप्ता ने बारिश के मद्देनजर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को 30 जून तक उनके अधीन आने वाले बारिश के पानी की निकासी के नालों के निर्देश दिए थे। 30 जून से पहले शहर में सभी नालों की सफाई की जा चुकी है। वहीं अनेक जगहों पर नगर परिषद के नाले जुड़े हुए हैं, जिनकी तुरंत प्रभाव से सफाई होना जरूरी है।
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नागरिक गलियों या नालों में कूड़ा-कचरा और पॉलीथीन ना डालें: डीसी
डीसी साहिल गुप्ता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे बरसाती पानी की निकासी के नालों में पॉलीथीन या कूड़ा-कचरा ना डालें। यह कचरा पानी निकासी में बाधा बन रहा है। बरसाती पानी की अतिशीघ्र निकासी के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए जा चुके हैं और नियमित रूप से रिपोर्ट ली जा रही है।









