भिवानी, 03 जून। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदेश में देसी कपास के क्षेत्रफल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 के दौरान देसी कपास की खेती करने वाले किसानों को तीन हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से अनुदान दिया जाएगा। इस योजना के तहत अनुदान प्राप्त करने के लिए क्षेत्र की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. विनोद कुमार फोगाट ने बताया कि योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल 19 मई से शुरू हो चुके हैं। देसी कपास की खेती करने वाले किसानों के खेतों का विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत पात्र किसानों को अनुदान राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
डॉ. फोगाट ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित समयावधि में अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं तथा योजना का अधिकतम लाभ उठाकर देसी कपास की खेती को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को भी प्रोत्साहित करेगी।









