फरीदाबाद, 23 मई।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष सिन्हा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को अधिक सटीक, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन-एसआईआर) अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का तीसरा चरण 30 मई 2026 से प्रारंभ होकर दिसंबर तक चलेगा, जबकि हरियाणा में यह प्रक्रिया 15 जून से 22 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि इस चरण के अंतर्गत हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ सहित देश के 19 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का व्यापक सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-324 एवं जन प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 के तहत निर्वाचन आयोग को निर्वाचक नामावली तैयार करने और चुनाव संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, संविधान के अनुच्छेद-326 के अनुसार केवल भारतीय नागरिक ही मतदाता सूची में शामिल होने के पात्र हैं।
उपायुक्त ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है, ताकि मृत, स्थानांतरित अथवा एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं के नाम हटाकर वास्तविक एवं पात्र मतदाताओं का सही डाटा तैयार किया जा सके। इसके लिए बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे तथा आवश्यक दस्तावेजों की जांच करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित जांच और पक्ष रखने का अवसर दिए सूची से नहीं हटाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के निर्णय से असहमत होता है, तो वह जिला मजिस्ट्रेट और उसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि अन्य राज्यों से स्थानांतरित होकर हरियाणा में आने वाले नागरिकों को मतदाता पंजीकरण के लिए प्रपत्र-6 के साथ अतिरिक्त घोषणा-पत्र भी जमा करना होगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे बीएलओ को सही जानकारी एवं आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराकर मतदाता सूची को शुद्ध एवं अद्यतन बनाने में सहयोग करें।









