गुरुग्राम, 15 मई।
गुरुग्राम के एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में शुक्रवार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न गांवों और आंगनवाड़ी क्षेत्रों के लिंगानुपात आंकड़ों की समीक्षा करते हुए कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में गहन सर्वे और निगरानी के निर्देश दिए गए।
*211 आंगनवाड़ी क्षेत्रों में इंटेंसिव मॉनिटरिंग के निर्देश*
बैठक के दौरान एडीसी ने बताया कि जिले में 211 ऐसे आंगनवाड़ी क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं जहां लड़कियों की तुलना में लड़कों की संख्या अधिक दर्ज की गई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को इन क्षेत्रों में संयुक्त रूप से गहन सर्वे कर वास्तविक कारणों की पहचान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में प्राकृतिक कारण भी हो सकते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कहीं भ्रूण लिंग जांच या अवैध गतिविधियों के कारण लिंगानुपात प्रभावित तो नहीं हो रहा।
*स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी किया जाएगा शामिल*
एडीसी सोनू भट्ट ने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में पार्षदों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम सरपंच, ग्राम सचिव, महिला पंच व महिला सरपंचों के साथ बैठक कर स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई जाए। उन्होंने कहा कि समुदाय आधारित सर्वे से वास्तविक स्थिति सामने आएगी और जरूरत पड़ने पर पुलिस विभाग भी सहयोग करेगा।
बैठक में उपस्थित स्वयंसेवी संस्थाओं ने बताया कि वे स्कूलों, समुदायों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बेटियों की शिक्षा और महिलाओं के अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इस पर एडीसी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को भी अभियान से जोड़कर संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां चलाई जाएं।
*पीसीपीएनडीटी एक्ट मामलों में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश*
बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि जनवरी से 5 मई तक 261 निरीक्षण किए गए, जिनमें दो मामलों में उल्लंघन पाए गए। इस पर एडीसी सोनू भट्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि केवल शो-कॉज नोटिस देकर मामलों को समाप्त करना उचित नहीं है।उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी एक्ट का उल्लंघन मिले, वहां आवश्यकतानुसार एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच करवाई जाए ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, रोजगार कार्यालय, पुलिस विभाग सहित अन्य विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।









