हिसार, 28 जुलाई।
जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल ने सडक़ दुर्घटनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सडक़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए है। बैठक में वर्ष 2026 के जनवरी से जून तक जिले में हुई सडक़ दुर्घटनाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुधारात्मक उपायों पर चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 के पहले छह माह के दौरान जिले में कुल 182 सडक़ दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 82 घातक तथा 100 गैर-घातक दुर्घटनाएं शामिल हैं। इन दुर्घटनाओं में 95 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि 480 व्यक्ति प्रभावित हुए। पिछले जून माह में 14 लोगों की जान गई है। अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल ने अधिकारियों को दुर्घटनाओं के कारणों का गहन विश्लेषण कर प्रभावी रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
हिसार में यातायात नियमों की अवहेलना पर सख्ती जारी, जून में पुलिस ने 16,229 और आरटीए ने 342 चालान किए
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल को विभिन्न प्रकार के यातायात उल्लंघनों पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई का भी ब्यौरा दिया गया। इसके अनुसार बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, बिना सीट बेल्ट, गलत पार्किंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, नशे में वाहन चलाना, लेन उल्लंघन तथा अन्य नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध नियमित अभियान चलाए जा रहे हैं। इस दौरान हिसार पुलिस ने विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन पर 16,229 चालान, जबकि आरटीए हिसार ने 342 चालान किए। आरटीए द्वारा कुल 1,00,46,800 रूपये का जुर्माना लगाया गया। दूसरी ओर हिसार पुलिस ने भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। जून माह में बिना हेलमेट वाहन चलाने के 3,134, ट्रिपल राइडिंग के 1,196, बिना सीट बेल्ट के 168, रेड लाइट जंप के 15, ओवर स्पीड के 1,885, गलत पार्किंग के 2,622, गलत दिशा में वाहन चलाने के 1,205, नशे की हालत में वाहन चलाने के 275, लेन परिवर्तन एवं लेन उल्लंघन के 2,347 तथा अन्य श्रेणी के 3,382 चालान किए गए। मार्च से जून तक पुलिस की कार्रवाई में लगातार तेजी आई है। मार्च में कुल 10,333, अप्रैल में 9,946, मई में 13,751 तथा जून में बढक़र 16,229 चालान किए गए।
अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी तथा अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, कार चालक सीट बेल्ट लगाएं, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा गलत दिशा या लेन में वाहन चलाने से बचें। साथ ही व्यावसायिक वाहन संचालक ओवरलोडिंग और टैक्स संबंधी सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल ने बैठक में निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक संकेतक, स्पीड ब्रेकर, रोड मार्किंग, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य सुरक्षा उपाय समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों, परिवहन विभाग तथा पुलिस के माध्यम से यातायात नियमों के पालन के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने
अधिकारियों से कहा कि सडक़ सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और सडक़ सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
विभागों को मॉडल रोड चयनित करने के निर्देश, सडक़ मार्ग का सेफ्टी ऑडिट करवाने की भी दी गई हिदायत
अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल ने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण, शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन तथा हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड को 1-1 मॉडल रोड चयनित करने और इसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द देने की सख्त हिदायत दी। इसके साथ ही उन्होंने इन विभागों को अपने-अपने अधीन आने वाले विभिन्न सडक़ मार्गों का ऑडिट करवाने और ऑडिट करवाने के उपरांत पाई गई कमियों को दुरुस्त करने की भी हिदायत दी अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल ने विभाग अध्यक्षों को कहा कि विशेष कर उन सडक़ मार्गों का सेफ्टी ऑडिट प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाए जिनका डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड अगले 6 माह की अवधि में समाप्त होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे सडक़ मार्ग को चिन्हित कर इन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त करवाया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने संबंधित विभागों से स्कूल जॉन ट्रीटमेंट के संबंध में भी जरूरी दिशा निर्देश दिए और कहा कि स्कूलों के आसपास के क्षेत्र में ज़ेबरा क्रॉसिंग, साइनेज तथा ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसे प्रबंध को लागू किया जाए और इसकी प्रत्येक माह रिपोर्ट दी जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूलों के पिक एंड ड्रॉप स्थानों में कोई असुविधा या खतरे की स्थिति ना हो।
इस अवसर पर ज्योति मित्तल, आरटीए सचिव संजय बिश्नोई, सीएमओ डॉ सपना गहलावत, सीएमओ डॉ तरुण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश









