हिसार, 16 मई।
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जिले के विभिन्न खंडों में अमृत सरोवरों के निर्माण एवं पुनरुद्धार कार्यों को गति दी जा रही है।
यह जानकारी देते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि प्रथम चरण में जिले के 9 खंडों में 16 अमृत सरोवरों के निर्माण व जीर्णोद्धार के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इन कार्यों को आगामी दो दिनों के भीतर शुरू कर दिया जाएगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं मनरेगा के तहत स्थानीय मजदूरों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि अमृत सरोवर योजना का उद्देश्य गांवों में जल स्रोतों का संरक्षण, भूजल स्तर में सुधार तथा पर्यावरण संतुलन को बनाए रखना है। इन सरोवरों के निर्माण से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ग्रामीण विकास एवं जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं ताकि ग्रामीणों को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि जिले के जिन गांवों में अमृत सरोवरों के निर्माण एवं पुनरुद्धार कार्य किए जाएंगे उनमें खरकड़ी, तलवंडी राणा, सोथा, ढांड, बधावड़, ब्याना खेड़ा, गैबीपुर, नया गांव, बुढ़ा खेड़ा, बोबुआ, छान, खरिया तथा बीड़ हिसार सहित अन्य गांव शामिल हैं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। अमृत सरोवर योजना न केवल जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।









