झज्जर, 23 अप्रैल। निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में गुरुवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक, सीएमजीजीए खुशी कौशल तथा जिला निपुण समन्वयक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने गुरुवार को गांव आसंडा व भापरोदा स्थित विद्यालयों का संयुक्त निरीक्षण किया।
इस अवसर पर डीईईओ राजबाला मलिक ने कक्षा तत्परता कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि बाल-केंद्रित शिक्षण, नियमित आकलन तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए निदानात्मक शिक्षण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि “शिक्षक छात्र कल्याण को सर्वोपरि रखते हुए खेल-आधारित शिक्षा, सुव्यवस्थित पाठ योजना और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि निपुण लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल किया जा सके।” यह निरीक्षण शिक्षा विभाग की गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वहीं सीएमजीजीए खुशी कौशल ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षा गतिविधियों का सूक्ष्म अवलोकन किया और शिक्षकों व विद्यार्थियों से संवाद स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप नवाचार आधारित शिक्षण विधियों, आधारभूत साक्षरता एवं अंकगणितीय दक्षताओं के स्तर, डिजिटल शिक्षण संसाधनों के उपयोग तथा विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की।
निपुण समन्वयक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने निपुण मिशन की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पहल प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के सीखने के अंतर को दूर करने में सहायक है।
इस दौरान टीम ने शिक्षण-अध्ययन प्रक्रिया, विद्यालय अवसंरचना तथा निपुण मिशन की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया ।





