खरीद एजेंसियों को उठान प्रक्रिया में तेजी लाने के भी दिए निर्देश
एफसीआर ने ‘अटल कैंटीन’ में भोजन कर गुणवत्ता की जांच की और भुगतान किया
चंडीगढ़, 17 अप्रैल— हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज रबी सीजन 2026–27 के तहत गेहूं खरीद और उठान (लिफ्टिंग) कार्यों की समीक्षा के लिए बरवाला अनाज मंडी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी में किसानों और आढ़तियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी विस्तृत आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, एसडीएम कालका श्री संयम गर्ग, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक श्री जतिन मित्तल तथा मंडी सचिव श्री सुरेंद्र सिंह मौजूद रहे।
डॉ. मिश्रा ने मंडी में गेट पास और बायोमेट्रिक प्रणाली की जांच की तथा गेहूं की बोरियों का वजन भी क्रॉस चेक किया, जो संतोषजनक पाया गया। उन्होंने अधिकारियों से गेहूं की आवक, खरीद और उठान से संबंधित विस्तृत जानकारी ली और किसानों व आढ़तियों से सीधे संवाद कर उनका फीडबैक भी प्राप्त किया।
उन्होंने किसानों और मजदूरों के लिए स्थापित ‘अटल कैंटीन’ का निरीक्षण कर मात्र 10 रुपये में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता का आकलन भी किया। उन्होंने आम नागरिक की तरह कैंटीन में भोजन किया और उसका भुगतान भी किया। उन्होंने कैंटीन संचालकों की भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सराहना की।
इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि अब तक मंडी में 1.56 लाख क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई है, जिसमें से 1.27 लाख क्विंटल की खरीद की जा चुकी है, जबकि 46,700 क्विंटल गेहूं का उठान हो चुका है। उन्होंने कहा कि खरीद और उठान दोनों कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि किसानों और आढ़तियों को आसानी से वेरिफिकेशन पूरा करने में मदद करने के लिए मंडी में कई जगहों पर बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। इसके अलावा, भीड़भाड़ से बचाव के लिए गेट पास जारी करने हेतु कई मोबाइल प्वाइंट भी स्थापित किए गए हैं।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि मंडी में किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश भी दिए कि किसी भी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी गई फसल का भुगतान 72 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बताया कि बरवाला मंडी में गेहूं की खरीद हैफेड (HAFED) और हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (HSWC) द्वारा की जा रही है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को उठान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, जिस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अगले सप्ताह तक उठान 80 प्रतिशत से अधिक हो जाएगा।
इसके उपरांत, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहीं डॉ. सुमिता मिश्रा ने बरवाला के गांव बतौर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में फीडबैक लिया।
उन्होंने डॉक्टरों की उपस्थिति रजिस्टर की जांच की और ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या की समीक्षा की। साथ ही, दवाओं के स्टॉक की जांच करते हुए निर्देश दिए कि आवश्यक दवाओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
इमरजेंसी वार्ड का इंस्पेक्शन करते समय, उन्होंने कहा कि मरीजों के लिए एक अलग एंट्री का रास्ता बनाया जाए ताकि वे आसानी से आ-जा सकें और उन्हें कोई परेशानी न हो। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जनरल ओपीडी, आयुर्वेदिक ओपीडी, नर्सिंग स्टेशन, लेबर रूम और डेंटल ओपीडी का निरीक्षण कर मरीजों, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ से भी संवाद किया।





