ज्ञान भारतम् मिशन के तहत 16 जून तक चलेगा जिला में चलेगा सर्वे अभियान, संरक्षण व डिजिटलीकरण पर विशेष जोर

On: April 23, 2026 8:17 PM
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झज्जर, 23 अप्रैल।

ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में संचालित राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने गुरुवार को झज्जर स्थित गुरुकुल के पुरातत्व संग्रहालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों, प्राचीन सिक्कों, अभिलेखों एवं ऐतिहासिक प्रतिमाओं का गहन अवलोकन किया और उनके महत्व की जानकारी गुरुकुल महाविद्यालय के संचालक आचार्य विजयपाल से प्राप्त की।

गुरुकुल पहुंचने पर आचार्य विजयपाल सहित प्रबंधन समिति ने उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल और एसडीएम झज्जर रवि मीणा का स्वागत करते हुए संग्रहालय में सुरक्षित धरोहरों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये प्राचीन पांडुलिपियां और वस्तुएं भारतीय सभ्यता की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत करती हैं और शोध के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने संग्रहालय में संरक्षित धरोहरों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वे का मुख्य उद्देश्य ऐसी अमूल्य विरासत की पहचान, संरक्षण और दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रह सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में उपलब्ध सभी प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वे कार्य गंभीरता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे के दौरान चिन्हित पांडुलिपियों को आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात संबंधित धारकों को सुरक्षित रूप से वापस सौंप दिया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि यह सर्वे कार्य चरणबद्ध तरीके से 16 जून तक पूरा किया जाएगा, जिसमें सरकारी विभागों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों का सहयोग लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत जिले में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान, भौतिक सत्यापन, वर्तमान स्थिति का आकलन, डिजिटलीकरण तथा अभिलेखीकरण का कार्य व्यवस्थित ढंग से किया जाएगा। ‘ज्ञान भारतम् सर्वे अनुप्रयोग’ के माध्यम से इनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे एक सटीक एवं व्यापक डाटाबेस विकसित हो सके।

उन्होंने बताया कि सर्वे प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल होगी, हालांकि नेटवर्क संबंधी समस्या की स्थिति में मैनुअल प्रपत्रों का भी उपयोग किया जाएगा। सर्वे के दौरान केवल पांडुलिपियों की मैपिंग की जाएगी, जिससे जिले की सांस्कृतिक धरोहर का संपूर्ण विवरण संकलित किया जा सके।

उपायुक्त ने आमजन से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहयोग दें और गठित सर्वे टीमों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जिले की समृद्ध सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं बौद्धिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

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गुरुकुल भारतीय संस्कृति और मूल्यों के संरक्षण का सशक्त केंद्र : डीसी

गुरुकुल झज्जर के दौरे के दौरान डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने संस्थान की समृद्ध वैदिक परंपरा, अनुशासित आवासीय व्यवस्था और आधुनिक शिक्षा के समन्वय की सराहना की। लगभग 80 एकड़ में फैले इस गुरुकुल में संचालित आर्य शिक्षा पद्धति, वेदोच्चारण केंद्र, आयुर्वेदिक औषधालय,गौशाला तथा व्यायाम शाला सहित सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे देश में भारतीय संस्कृति और मूल्यों के संरक्षण का सशक्त केंद्र है। विशेष रूप से स्वामी ओमानंद सरस्वती पुरातत्व संग्रहालय में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों, प्राचीन सिक्कों और ऐतिहासिक धरोहरों को देखकर उन्होंने इसे ज्ञान और विरासत का अनमोल भंडार बताया। डीसी ने कहा कि गुरुकुल झज्जर परंपरा और आधुनिकता का उत्कृष्ट संगम प्रस्तुत करते हुए युवा पीढ़ी को संस्कार, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित कर रहा है।

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इस अवसर पर गुरुकुल के मुख्य अधिष्ठाता आचार्य विजयपाल,निदेशक विरजानंद देवकरिणी, मंत्री राजबीर छिकारा,उपमंत्री उमेद सिंह, कृष्ण शास्त्री,नरेश शास्त्री, विनोद सरपंच खाजपुर के अलावा उपनिदेशक अमित पंवार,बीडीपीओ राजाराम सहित अन्य अधिकारी और गुरुकुल प्रबंधन समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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